Thursday, June 07, 2012

बस प्यार से पुकार लो ...!!!

कभी कभी ऐसे भी गुन-गुना लेना चाहिए 
हो मौसम सुहाना तो मुस्करा लेना चाहिए||
---अकेला

अशोक'अकेला'


22 comments:

  1. एकल मन की सुन्दर कथा ...
    सुन्दर भावों के मोतियों से पिरोई काव्य माला ....
    शुभकामनायें ...

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  2. बहुत सुन्दर भावों से सजी कविता..

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  3. जब भी पुकारो-- हम आ जायेंगे , बहुत अच्छे भाव

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  4. बहुत भावपूर्ण अभिव्यक्ति

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  5. सुन्दर भाव हैं मगर जाने जाने की बात अच्छी सी नहीं लगती......

    regards
    anu

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  6. 'हो मौसम सुहाना तो मुस्करा लेना चाहिए||'
    मुस्कुराते हुए ही अनगिन मौसम बीतें...
    ढ़ेर सारी शुभकामनाएं!
    सादर!

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  7. बहुत भावमयी अभिव्यक्ति.....

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  8. मन मोहक सुंदर अभिव्यक्ति ,,,,,

    MY RESENT POST,,,,,काव्यान्जलि ...: स्वागत गीत,,,,,

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  9. आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा कल शुक्रवार के चर्चा मंच पर भी लगाई जा रही है!
    सूचनार्थ!

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  10. बहुत सुंदर रचना सर...
    सादर।

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  11. भावानुभूति से सहज उद्भूत रचना .अनुभव से पैदा विराग .राग की गुंजाइश भी बाकी है .

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  12. सहज सरल शब्‍दों में भावमय करती प्रस्‍तुति ... आभार

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  13. बहुत खूबसूरत प्रस्तुति

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  14. खूबसूरत...............
    बस और क्या...!!

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  15. घने पेड की छाया में बैठ कर समय बिताये पता नही कितना समय हो गया ।
    बहुत सुंदर रचना ।

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  16. बहूत हि बेहतरीन लिखा है आपने....
    सबसे खास बात आप अपनी रचना को बहूत हि सुंदरता
    से प्रस्तुत करते है..बहूत मनमोहक लगता है....

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मैं आपके दिए स्नेह का शुक्रगुज़ार हूँ !
आप सब खुश और स्वस्थ रहें ........

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