Friday, September 23, 2011

दिल ही तो है ... कोई तो मुझे बताए; यह आवाज़ किस गुलूकार की है .???

यादें .....अपनी यादों के झरोखे से लाया हूँ ...एक गज़ल आप के लिए ...

मेरी कोशिश ...सिर्फ आप का दिल बहलाना ...अपने दिल को सुकून
पहुँचाना ...इस कोशिश में, मेरी कामयाबी; आप की खुशी में ..???

कलाम, "ग़ालिब" साहब का....आवाज़,,??? पसंद हम सब की .
.
गुनगुनाया ,गाया....
बहुत बड़े-बड़े महारथियों ने और क्या खूब गाया .....
पसंद सब की अपनी अपनी ....अपनी समझ,अपने ज्ञान के मुताबिक ...

मैंने इस गज़ल को खूब सुना ,मेरे कानों,और दिल को बहुत भायी ,आनंद
मिला ...जो आज तक बरकरार है |
मेरी अपनी कम-समझ और कम-ज्ञान के मुताबिक ...
किसी गुलूकार की गायकी से कोई मुकाबला नही !!!

कलाम तो चचा ,"ग़ालिब साहिब"  का ही है....
आप भी सुनिए और मज़ा लीजिए ....

"ग़ालिब साहिब "














 और अंत में :

 "जो भले हें,वो बुरे को भी भला कहते हें
 न बुरा सुनते हें "अच्छे"न बुरा कहते हें"      "गालिब"

16 comments:

  1. ग़ालिब को खूब पढा है मैंने स्कूल और कोलेज के दिनों में .अब तो सुनती हूँ.आज जाने क्यों इस ब्लॉग पर गाना बज नही रहा है.वरना कोशिश करती सही जवाब देने का.वैसे शे'र पढ़ क्र लग रहा है गजल खूबसूरत होगी.

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  2. आप ही बताईये, नहीं समझ आया।

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  3. "जो भले हें,वो बुरे को भी भला कहते हें
    न बुरा सुनते हें "अच्छे"न बुरा कहते हें"
    आवाज़ रोकती है ,सुनी हुई भी है .....दर्द से भर न आये क्यों ....दिल ही तो है ..खूबसूरत एहसासात की ग़ज़ल ,प्रस्तुति गज़ब .

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  4. तुझसे भली तेरी याद है जालिम..
    साथ जागती है..सोती भी तन्हाई में.

    आपकी वेबसाइट अच्छी लगी.. कितनी यादों ने समान बाँधा.
    धन्यवाद.

    हमने भी जख्म सॅंजो रखे हैं उनकी यादों के.
    एक नज़र मेरी वेबसाइट पर भी डालें.
    1. www.belovedlife-santosh.blogspot.com (हिन्दी कविता)
    2. www.santoshspeaks.blogspot.com

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  5. आवाज़ किस की तो पता नहीं लेकिन बहुत मधुर आवाज़ है ।

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  6. आपकी इस उत्कृष्ट प्रविष्टी की चर्चा आज के चर्चा मंच पर भी की गई है!
    यदि किसी रचनाधर्मी की पोस्ट या उसके लिंक की चर्चा कहीं पर की जा रही होती है, तो उस पत्रिका के व्यवस्थापक का यह कर्तव्य होता है कि वो उसको इस बारे में सूचित कर दे। आपको यह सूचना केवल इसी उद्देश्य से दी जा रही है! अधिक से अधिक लोग आपके ब्लॉग पर पहुँचेंगे तो चर्चा मंच का भी प्रयास सफल होगा।

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  7. जगजीत सिंह और शिशिर पारखी में से कोई एक है शायद , सलूजा साहब ! जगजीत सिंह जी के शीग्र स्वस्थ होने की कामनाओं सहित !

    हैं और भी दुनिया में सुख़नवर बहुत अच्छे !
    कहते हैं कि ग़ालिब का है अंदाज़े-बयां और !!

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  8. वाह ...बहुत ही अच्‍छी प्रस्‍तुति ।

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  9. आज आपका दिल धड़क रहा है नई पुरानी हलचल में यकीन नही तो खुद ही देखिये... चर्चा में आज नई पुरानी हलचल

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  10. नया अंदाज सर,
    आनंद आ गया सुनकर....
    सादर आभार...

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  11. बेहद शानदार लाजवाब प्रस्तुति.....

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  12. कोशिश करता हूं पता करने की...जल्द ही सूचित करुंगा.....बेहतरीन आवाज़ है....। जगजीत सिंह की आवाज नहीं है ये। आपका फलसफा तो अपना ही निकला..जो भी प्यार से मिला..हम उसी के हो लिए......

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  13. शुक्रिया अशोक भाई .हौसला अफजाई के लिए .

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  14. 'ग़ज़ल' को आप सब ने पसंद किया ,गाने वाले की आवाज़ की सरहाना की ...आप को खुशी मिली | मुझे आप की खुशी से खुशी मिली| आप खुश,मैं खुश ...
    पर गायक का नाम अब तक नही पता चला ,न मुझे,न आपको |
    पता चले तो बताइएगा...जरूर !
    आभार होगा !
    आप सब का शुक्रिया !
    खुश और स्वस्थ रहें !

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मैं आपके दिए स्नेह का शुक्रगुज़ार हूँ !
आप सब खुश और स्वस्थ रहें ........

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