Thursday, March 28, 2013

मेरा बचपन ......

यादें !
चलिए आज आपको अपने बचपन के सैर कराता हूँ .......
और ख़ुद आप को सुनाता हूँ !
होली की याद में इतना तो बनता ही है न ???
अशोक 















39 comments:

  1. बहुत सुन्दर प्रस्तुति!
    आपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि-
    आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा कल शुक्रवार के चर्चा मंच-1198 पर भी होगी!
    सूचनार्थ...सादर!
    --
    होली तो अब हो ली...! लेकिन शुभकामनाएँ तो बनती ही हैं।
    इसलिए होली की हार्दिक शुभकामनाएँ!

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    1. आभार शास्त्री जी ....

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  2. बहुत सुन्दर प्रस्तुति! हार्दिक शुभकामनाएँ!

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  3. बहुत ही उम्दा प्रस्तुति आदरणीय,होली की हार्दिक मंगलकामनाएँ.

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    1. शुक्रिया राजेन्द्र भाई जी ...,

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  4. ब्लॉग बुलेटिन की पूरी टीम की ओर से आप सब को सपरिवार होली ही हार्दिक शुभकामनाएँ !
    आज की ब्लॉग बुलेटिन होली के रंग, स्लो नेट और ब्लॉग बुलेटिन मे आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

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    1. आभार श्रीमान जी ........

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  5. बाउजी बहुत सुन्दर रचना | मुझे भी अपना बचपन याद आ गया सुनकर | आभार

    कभी यहाँ भी पधारें और लेखन भाने पर अनुसरण अथवा टिपण्णी के रूप में स्नेह प्रकट करने की कृपा करें |
    Tamasha-E-Zindagi
    Tamashaezindagi FB Page

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  6. होली की ढेर सारी शुभकामनाएं आपको भी सलूजा साहब !

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  7. आपके बचपन जैसा ही बचपना था, वो आम जामुन तोडना, याद दिला दिया. सारी शरार्तें हमने भी, स्कूल से खूब तडी मारी पर हमने किसी को चोरी के लड्डू नही थमाये क्योंकि कोई मिली ही नही थी. वाह वाह बहुत ही खूबसूरत कविता जैसा बचपना. शुभकामनाएं.

    रामराम.

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    1. @रस्तोगी जी
      @गोदियाल भाई जी
      @ ताऊ (भाई) जी

      आपके ढेर सारे प्यार के लिए ...दिल से आभार जी !
      शुभकामनायें!

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  8. अब तक आपकी लेखनी देखी थी, आज आवाज भी सुन ली। बहुत गहराई है आपकी आवाज में भी, सबसे भावुक क्षण वो है जब वाचक कहता है कि उसे और लोगों को पता भी नहीं चला कि बचपन खो गया, इस अनुभूति को महसूस करना सचमुच अद्भुत है।

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    1. तारीफ़ तो इंसानी फ़ितरत है ..मुझे भी अच्छा लगा :-))
      शुक्रिया!

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  9. मुझे तो video नहीं दिखा....लिखा आ रहा है this video is currently unavailable :-( बार बार refresh भी किया...

    फिर थोड़ी देर में कोशिश करती हूँ...
    सादर
    अनु

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  10. आहा.....देखा.....
    सुन्दर बचपन....मासूम बचपन....आपके बच्चों और नाती पोतों के लिए तो नायाब तोहफा है ये...
    सादर
    अनु

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    1. स्नेह और तकलीफ़ का एहसानमंद हूँ .....सच!!! तोहफ़ा? ये तो मैंने सोचा ही नही था...
      आभार!

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  11. बहुत ही सुन्दर रचना..
    सच में बहुत ही मासूम और सुहाना है बचपन का जमाना...
    अति सुन्दर...
    :-)

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  12. सुन्दर सुहानी मासूम सी यादें।
    शुभकामनायें।

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  13. एक था बचपन, एक था बचपन
    नन्हा सा प्यारा सा बचपन...

    वाकई सुहानी यादें बचपन की अनमोल ही लगती हैं.

    शुभकामनाएँ...

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  14. आपकी तस्वीर देखकर अपने बचपन की याद की याद ताजा हो गई,,,

    Recent post: होली की हुडदंग काव्यान्जलि के संग,

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    1. @रीना जी
      @दराल भाई जी
      @बाकलीवाल जी
      @मोनिका जी
      भदोरिया भाई जी
      आप सब की शुभकामनाओं का बहुत-बहुत आभार |
      खुश रहें!

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  15. सर वीडियो खुल तो नहीं रहा, पर एक तस्वीर से बचपन दिख रहा है।

    बाद में फिर कोशिश करुंगा कि वीडियो देख सकूं

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    1. महेन्द्र जी , कहीं-कहीं ऐसी परेशानी आ रही है ..क्षमा !

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  16. बचपन की भूल चूकें तो जीवन की धरोहर बन जाती हैं...वह बातें आज दिल के कितने करीब हो जाती हैं....हाँ रुलाती वह तब भी थीं...रुलाती वह आज भी हैं...शायद यही एक समानता रह जाती है ...बेहद खुबसूरत प्रस्तुति

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  17. ...और हाँ ...आपका यह अंदाज़ भी पसंद आया ...रचना सुनाने का ....बहुत जल्दी प्रचलित हो जायेगा ... हमें तो बहुत भाया....

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    1. आपके स्नेह ,मान-सम्मान के लिए ....
      आभार जी !

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  18. पता नहीं क्यों पर लिंक खुल नहीं रहा है।

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    1. प्रवीण जी ..ठीक कह रहें हैं आप ....कहीं-कहीं दिक्कत आ
      रही है ...क्षमा !

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  19. आपके बचपन को सूना कर मज़ा आ गया.....


    वो सिटी बजाना
    वो शर्ते लगाना ....वाह

    कहीं पर निगाहें कही पर निशाना ...वाह ...वो चोरी का लड्डू

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  20. वाह ... बचपन का यह लम्‍हा ... साथ-साथ चलता रहा
    बहुत ही अच्‍छी प्रस्‍तुति

    सादर आभार

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  21. बचपन की बातें फिर से जीने की उमंग भर देती हैं जीवन में ...
    बहुत ही मज़ा आया अशोक जी ...

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  22. @अंजू जी,
    @ सदा जी
    @ नासवा भाई जी ...
    मेरी यादों को और यादगार बनाने का शुक्रिया !

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  23. कंप्यूटर महाशय आज बहरे हो गये हैं इसलिए आवाज नही सुन सका। जैसे ही इनके कान कार्य करेंगे ,आवश्य आपके बचपन की यादें सुनना चाहूँगा।

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    1. शुक्रिया आमिर भाई जी ...,

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  24. सर! क्या कहें? ज़ुबान खामोश है... और आँखें नम!
    बचपन हर किसी को याद आता है..! हम सभी को याद आता है...और सबके यही हुड़दंग, यही मस्ती वाले दिन बचपन को और भी सुनहरी यादों की सौगात बना देते हैं...
    आपकी आवाज़ के साथ आपके बचपन के क़िस्से सुनना बहुत अच्छा लगा!
    ~सादर!!!

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    Replies
    1. अनीता जी,
      इतना मान-सम्मान पाकर कुछ कहते नही बनता ..इस लायक हूँ भी नही !
      खुश रहें,स्वस्थ रहें !
      शुभकामनायें!

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  25. बचपन की बातें .... बहुत सुंदर प्रस्तुति ....

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मैं आपके दिए स्नेह का शुक्रगुज़ार हूँ !
आप सब खुश और स्वस्थ रहें ........

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