Thursday, April 28, 2011

एस एम् एस ... जो साझा करना चाहता हूँ मैं आप से ...



हर वो शक्स जो आप की जिन्दगी के

इर्द-गिर्द रेहता है वो कभी न कभी

आप के दिल को जाने-अनजाने

दुखायेगा ,अब ये आप के उपर है की

आप को कौन ज्यादा जरूरी है और आप

अपने साथ किसे रखना चाहेंगे ?

दर्द या दर्द देने वाले को...

5 comments:

  1. यह हमेशा जरूरी नहीं.सभी कुछ द्रष्टिकोण पर निर्भर करता है.जैसा चश्मा पहिने रंग वैसा ही दिखाई देता है.दर्द का कारण भी देखने का नजरिया है.

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  2. क्या जवाब दें .....
    शुभकामनायें दे सकते हैं !

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  3. This comment has been removed by a blog administrator.

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  4. अशोक जी पड़े रहेंगें दोनों मेमोरी में बस प्रोसेस न करें ,रिट्रीव भी न करें .रिसीव मेसेज सलेक्तिवली .

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मैं आपके दिए स्नेह का शुक्रगुज़ार हूँ !
आप सब खुश और स्वस्थ रहें ........

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